जींद | अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश शिफा की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में एक युवक को दोषी ठहराते हुए 13 साल कैद और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया कि अगर जुर्माना अदा नहीं किया गया, तो आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह मामला 26 अप्रैल 2021 का है, जब थाना सदर सफीदों में करनाल जिले के गांव दनोली निवासी रामकिशन ने शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की शादी मई 2020 में सफीदों के गांव छान्ने निवासी विक्की के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही दामाद और उसके परिजन दहेज के लिए उनकी बेटी पर दबाव बनाते और मानसिक रूप से परेशान करते थे।
रामकिशन के अनुसार, 26 अप्रैल 2021 को उनकी बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने पति और ससुरालजनों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान पति विक्की को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।
लंबी सुनवाई और सबूतों के आधार पर अदालत ने पाया कि आरोपी पति ने दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया, जिसके कारण महिला की मौत हुई। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए 13 साल की कठोर कैद और आर्थिक दंड का फैसला सुनाया।
यह सजा समाज को यह संदेश देती है कि दहेज जैसी कुप्रथा के तहत किसी महिला को प्रताड़ित करना या उसकी जान लेना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इसके लिए कठोर दंड भी भुगतना पड़ता है।