Dharamshala, Rahul
धर्मशाला के कांगड़ा कला संग्रहालय में इस वर्ष अक्टूबर के पहले सप्ताह में एक विशेष डाक टिकट प्रदर्शनी का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें 125 वर्ष से भी अधिक पुरानी डाक टिकटें और डाक विभाग से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुएं आम जनता के लिए प्रदर्शित की जाएंगी। यह अनूठी पहल डाक विभाग द्वारा की जा रही है, जिससे लोगों को भारतीय डाक व्यवस्था के गौरवशाली अतीत से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
प्रदर्शनी की तैयारियां जोरों पर हैं, और प्रदेश भर से डाक टिकट संग्राहकों को आमंत्रित किया गया है। प्रदर्शनी में केवल डाक टिकटें ही नहीं, बल्कि डाक विभाग द्वारा प्रयोग में लाई गई पुरानी वस्तुएं जैसे स्टैम्पिंग मशीनें, स्केल, पुराने मेल बैग्स और अन्य ऐतिहासिक उपकरण भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
आम नागरिक भी बन सकेंगे आयोजन का हिस्सा
डाक विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी के पास डाक विभाग से जुड़ी कोई पुरानी वस्तु या दस्तावेज मौजूद हैं, तो वे उन्हें इस प्रदर्शनी का हिस्सा बना सकते हैं। ऐसी वस्तुएं, जो वर्षों से सहेज कर रखी गई हैं, समाज को इस विरासत से जोड़ने का माध्यम बन सकती हैं।
धर्मशाला, जो स्वयं एक ऐतिहासिक डाक मंडल रहा है, वहां वर्षों से कई पुरातन वस्तुओं को संजोकर रखा गया है। धर्मशाला डाक मंडल के अधीक्षक रविंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, “यह प्रदर्शनी केवल डाक टिकटों की नहीं, बल्कि डाक विभाग की समृद्ध ऐतिहासिक यात्रा को दिखाने का माध्यम बनेगी, जिससे लोग न सिर्फ जुड़ाव महसूस करेंगे बल्कि गर्व भी करेंगे।”
इस प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण 1900 से पहले की दुर्लभ डाक टिकटें होंगी, जो न केवल डाक सेवाओं के इतिहास की कहानी कहेंगी बल्कि उस दौर की सामाजिक झलक भी पेश करेंगी।