Shimla, Sanju
पूर्व उद्योग मंत्री और भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने पेखुबेला प्रोजेक्ट को लेकर प्रदेश सरकार और अधिकारियों पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 32 मेगावाट क्षमता वाला यह बिजली प्रोजेक्ट पानी में डूबने से अब केवल 12–14 मेगावाट ही बिजली का उत्पादन कर पा रहा है।
बिक्रम ठाकुर के अनुसार ड्रेनेज व्यवस्था का ध्यान न रखने के कारण कंट्रोल रूम में पानी भर गया, जिससे सभी 10 इनवर्टर खराब हो गए। इनके मरम्मत कार्य में करोड़ों रुपये खर्च होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए प्लांट को जानबूझकर जीरो लेवल पर बनाया गया।भाजपा विधायक ने दावा किया कि एसजेवीएनएल ने प्रदेश सरकार को 2.57 रुपये प्रति यूनिट की दर से 210 मेगावाट बिजली देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे अधिकारियों ने ठुकरा दिया। इससे प्रदेश को 500–600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उन्हें सरकार मलाईदार पदों पर तैनात कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के आरोपों पर पलटवार
लोकसभा चुनाव में कथित गड़बड़ी के कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के आरोपों पर पलटवार करते हुए ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस की ही सरकार है, ऐसे में अगर गड़बड़ी हुई है तो इसकी जानकारी उन्हें होनी चाहिए। मंडी लोकसभा चुनाव को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि प्रतिभा सिंह की जीत के समय क्या वोटें खरीदी गई थीं?ठाकुर ने कांग्रेस के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपनी जीत को जनादेश और हार को गड़बड़ी बताना सही नहीं है। उन्होंने देहरा उपचुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक से लोगों के खातों में सीधे पैसे डालने वाली सरकार अब चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगा रही है।