नई दिल्ली | देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शुमार ICICI बैंक ने अपने सेविंग अकाउंट नियमों में बड़ा बदलाव किया है। बैंक ने शहरी इलाकों में नए ग्राहकों के लिए न्यूनतम औसत बैलेंस (MAB) को ₹50,000 से घटाकर ₹15,000 कर दिया है।
दरअसल, 1 अगस्त 2025 से बैंक ने नए अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस की सीमा अचानक ₹10,000 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दी थी। यह बदलाव ग्राहकों के लिए पांच गुना ज्यादा बोझ लेकर आया और सोशल मीडिया पर बैंक की जबरदस्त आलोचना शुरू हो गई। नाराज ग्राहकों की प्रतिक्रिया को देखते हुए बैंक को अपने फैसले पर नरमी बरतनी पड़ी।
अलग-अलग इलाकों में नया नियम
- शहरी क्षेत्र: ₹15,000 (पहले ₹50,000)
- अर्ध-शहरी क्षेत्र: ₹7,500 (पहले ₹25,000)
- ग्रामीण और पुराने ग्राहक: ₹5,000 (बिना बदलाव)
किन्हें मिलेगी राहत?
बैंक ने स्पष्ट किया है कि सैलरी अकाउंट, वरिष्ठ नागरिक और पेंशनभोगी ग्राहक इस नियम से बाहर रहेंगे। इसके अलावा, 31 जुलाई 2025 तक जिनका अकाउंट खुल चुका है, उनके लिए पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
अन्य बैंकों से तुलना
जहां SBI ने 2020 में ही न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता खत्म कर दी थी, वहीं प्राइवेट और पब्लिक बैंकों में यह सीमा आम तौर पर ₹2,000 से ₹10,000 तक रहती है। ऐसे में ICICI बैंक अब भी बाकी बैंकों की तुलना में ज्यादा बैलेंस की मांग कर रहा है।