नई दिल्ली | वैश्विक अस्थिरता और अमेरिका की शुल्क नीति से भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। जानकारों का मानना है कि इनसे निपटने का रास्ता केवल आर्थिक सुधारों को और आगे बढ़ाने से ही निकलेगा।
इसी दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में अगले दौर के आर्थिक सुधारों की गति तेज करने का ऐलान किया। इसके लिए उन्होंने एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की, जिसका मकसद भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का है।
क्या होगा फायदा?
प्रधानमंत्री ने बताया कि नई टास्क फोर्स मौजूदा नियम-कानून और नीतियों की समीक्षा कर उन्हें 21वीं सदी की वैश्विक परिस्थितियों के अनुकूल बनाएगी। इससे स्टार्टअप्स, लघु व गृह उद्योग और उद्यमियों के लिए काम करना आसान होगा, अनुपालन का बोझ घटेगा और निर्यात को नई ताकत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह कदम युवाओं को भविष्य संवारने का भरोसा देगा और कारोबारी माहौल को निवेश व नवाचार के लिए और अनुकूल बनाएगा।
खत्म होंगे अनावश्यक कानून
पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि टास्क फोर्स की सिफारिशें व्यापक होंगी। विशेषकर, उन पुराने कानूनों को खत्म करने पर जोर होगा जिनके कारण छोटी-छोटी बातों पर नागरिकों को जेल भेज दिया जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे “अनावश्यक कानून” देश के नागरिकों पर बोझ हैं और इन्हें अब समाप्त होना चाहिए।
पृष्ठभूमि
पिछले दो दशकों में कई समितियां और नीति आयोग सुधारों के लिए सुझाव देते रहे हैं। हालांकि, बैंकिंग, बीमा, कृषि, श्रम और भूमि सुधार जैसे अहम क्षेत्रों में घोषणाओं के बावजूद ठोस प्रगति नहीं हो पाई। मोदी सरकार अब इन सुधारों को तेज रफ्तार देने के इरादे से आगे बढ़ रही है।