Mandi, Dharamveer
ग्राम पंचायत मासड़ के स्प्रेई गांव के लोगों का जीवन पिछले दो वर्षों से मुश्किलों से भरा हुआ है। वर्ष 2023 की आपदा में बहा स्प्रेई पुल अब तक नहीं बन पाया है। यही पुल गांव को नेशनल हाईवे से जोड़ता था। पुल न होने के कारण स्कूली बच्चों से लेकर ग्रामीणों तक को रोजाना 7 से 8 किलोमीटर का लंबा पैदल सफर करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते में एक ओर नाला तो दूसरी ओर गहरी खाई के पास से गुजरना पड़ता है। जरा-सी चूक सीधा 200 मीटर नीचे ब्यास नदी में ले जा सकती है। स्कूली छात्राओं ने बताया कि नाले पार करते समय हमेशा डर बना रहता है। बरसात के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ जाने पर उन्हें स्कूल ही छोड़ना पड़ता है।
ग्रामीणों की गुहार
स्थानीय निवासी संजय कुमार ने बताया कि ग्रामीण कई बार अपनी समस्या लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह व प्रदेश सरकार के सामने रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला। उनका कहना है कि पुल के लिए बजट का प्रावधान पहले भी हुआ था, परंतु बाद में क्या हुआ, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
विभाग का बयान
लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर एनपीएस चौहान ने बताया कि स्प्रेई पुल के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर सरकार को भेज दिया गया है। सरकार से मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।