29 August, 2025
भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को श्रीराधा अष्टमी का पर्व बड़े श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस दिन व्रत-पूजन करने से भक्तों को असीम पुण्यफल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
व्रत की विशेष विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करके सबसे पहले श्री राधा रानी का ध्यान करें। संकल्प लेकर व्रत की शुरुआत करने से व्रती के जीवन में शांति, सौभाग्य और भक्ति की वृद्धि होती है।
पुराणों में वर्णित महिमा
पुराणों के अनुसार, राधा अष्टमी व्रत करने से भक्तों को वही फल प्राप्त होता है जो तीर्थ स्नान और बड़े यज्ञों से मिलता है। मान्यता है कि इस दिन श्रीराधा जी की पूजा करने से भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है।