यमुनानगर | पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश से हालात पहले ही बिगड़े हुए हैं, लेकिन अब यमुना ने भी अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इस मानसून में पहली बार हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर खतरनाक स्तर के करीब पहुँच गया है। शनिवार तड़के जलस्तर 3 लाख 29 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया, जो हाई फ्लड की स्थिति मानी जाती है।
सूत्रों के मुताबिक, जलस्तर बढ़ने का सिलसिला आधी रात से शुरू हुआ। सुबह 3 बजे तक यह 97,869 क्यूसेक था, जो कुछ ही घंटों में बढ़कर 2 लाख से ऊपर चला गया और अब 3 लाख 29 हजार क्यूसेक तक पहुँच गया है। अढ़ाई लाख क्यूसेक से अधिक जलस्तर को हाई फ्लड माना जाता है।
जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग ने हरियाणा के कई जिलों और दिल्ली सरकार को अलर्ट कर दिया है। विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ घंटों में हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के यमुना किनारे बसे इलाके बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
इधर, नहरों की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई है और हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा जा रहा सारा पानी सीधे यमुना में जा रहा है। अनुमान है कि अगले 48 घंटे में यह पानी दिल्ली तक पहुँचकर हालात और बिगाड़ सकता है।
अब तक शांत रही यमुना के इस तेवर से हरियाणा और दिल्ली के लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है।