Mandi, Dharamveer
उपमंडल बालीचौकी के नेहरा गांव में सड़कों की दुर्दशा ग्रामीणों के लिए भारी परेशानी का सबब बन गई है। हाल ही में हुई भारी बरसात से क्षेत्र की कई संपर्क सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नतीजतन, ग्रामीणों को आवागमन के लिए लंबा पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।
वीरवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया जब खणी पंचायत की फागनी देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सड़क मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों ने लकड़ी और कुर्सी की मदद से एक अस्थायी पालकी बनाई और मरीज को उसमें बैठाकर लगभग 10 किलोमीटर पैदल चलकर नोना गांव तक पहुंचाया। इसके बाद ही उन्हें वाहन से अस्पताल ले जाया जा सका।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह मरीजों को ढोकर ले जाना अब मजबूरी बन चुका है। कई सड़कें इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं कि उनकी बहाली में लंबा समय लग सकता है। वर्तमान में प्रशासन और सरकार मुख्य सड़कों की मरम्मत पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जबकि गांवों को जोड़ने वाली सड़कें अब भी बंद पड़ी हैं।स्थानीय निवासियों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि संपर्क मार्गों को भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द बहाल किया जाए, ताकि लोगों को आपात स्थिति में ऐसी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के चलते बरसात या भूस्खलन के दौरान मरीजों को कुर्सी पालकी पर उठाकर सड़क तक ले जाना कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस बार बरसात के बाद हालात पहले से ज्यादा गंभीर बने हुए हैं।