18 September, 2025
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी जी मंदिर में 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलने वाले आश्विन नवरात्र मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंदिर न्यास आयुक्त और उपायुक्त की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
मेला अधिकारियों की नियुक्ति
बैठक में निर्णय लिया गया कि एसडीएम स्वारघाट को मेला अधिकारी और थाना प्रभारी कोट को सहायक पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। नवरात्र के दौरान प्रतिदिन लगभग 10 से 12 हजार श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच सकते हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र को 9 सेक्टरों में बांटा गया है और प्रत्येक सेक्टर की निगरानी के लिए 6 सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन
भीड़ नियंत्रण और यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए 200 से अधिक होमगार्ड्स तैनात किए जाएंगे। पुलिस बल को विशेष निर्देश दिए गए हैं और लंगर व्यवस्था पर भी ध्यान रखा जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को प्रसाद और भोजन की कोई कमी न हो।
स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर तैनात किए जाएंगे। 24 घंटे चालू रहने वाला स्वास्थ्य सहायता कक्ष किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सेवा देगा। नगर परिषद और जल शक्ति विभाग स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई सुनिश्चित करेंगे, और सभी विभागों से सुरक्षा ऑडिट प्रमाणपत्र मंदिर अधिकारियों को सौंपने को कहा गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर सहित पुलिस, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और नगर परिषद के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आपदा प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन का अनुभव मिल सके।