18 September, 2025
लिवरपूल में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2025 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने अभियान का समापन दो स्वर्ण समेत चार पदकों के साथ किया।
भारत की जैस्मीन लेम्बोरिया (57 किग्रा) और मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीतकर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं, नुपुर श्योराण (80+ किग्रा) ने रजत और ओलंपियन पूजा रानी (80 किग्रा) ने कांस्य पदक पर कब्जा किया।मीनाक्षी हुड्डा ने पेरिस 2024 ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता नाज़िम काइज़ेबे को 4-1 से मात देकर खिताब अपने नाम किया। जीत के बाद उन्होंने कहा,“मुझे खुशी है कि मैंने देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। इस बार मैंने ठान लिया था कि देश का नाम ऊँचा करना है। मेरे माता-पिता और देश गर्व महसूस कर रहे हैं।”इस उपलब्धि के साथ ही जैस्मीन और मीनाक्षी नई विश्व नियामक संस्था ‘वर्ल्ड बॉक्सिंग’ के तत्वावधान में खिताब जीतने वाली पहली भारतीय मुक्केबाज़ बन गईं।
फाइनल में पहुंची तीसरी भारतीय मुक्केबाज़ नूपुर श्योराण को पोलैंड की अगाता काज़्मार्स्का से कड़े मुकाबले में 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, पूजा रानी इंग्लैंड की एमिली एस्क्विथ से 4-1 से हार गईं और कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।चैंपियनशिप में भारत के 20 मुक्केबाज़ों ने भाग लिया, जिनमें पेरिस 2024 के बाद रिंग में लौटीं लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और निखत ज़रीन (51 किग्रा) भी शामिल रहीं। हालांकि लवलीना दूसरे दौर में बाहर हो गईं और ज़रीन क्वार्टर फाइनल में तुर्की की बुसे नाज़ काकिरोग्लू से हार गईं।