21 September, 2025
मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि 2025 इस साल 22 सितंबर, सोमवार से शुरू होगा। यह पर्व 10 दिनों तक चलेगा और 1 अक्टूबर को समाप्त होगा। नवरात्रि के समाप्त होने के अगले दिन, 2 अक्टूबर को विजयादशमी या दशहरा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
नवरात्रि के पहले दिन: मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना की जाती है। इस अवसर पर कलश के चारों ओर जौ बोए जाते हैं और अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाती है, जिसकी पूजा नौ दिनों तक चलती है।
भक्तों को सलाह दी जाती है कि यदि वे इस वर्ष घटस्थापना और पूजा कर रहे हैं, तो पूजा सामग्री पहले से तैयार कर लें, ताकि पूजा के समय किसी प्रकार की कमी न हो।
मां शैलपुत्री का महत्व
मां शैलपुत्री को हिमालयराज की पुत्री के रूप में जाना जाता है, इसी कारण उनका नाम शैलपुत्री पड़ा। देवी का वाहन वृषभ है, इसलिए उन्हें वृषारूढ़ा के नाम से भी पूजा जाता है।
- दाएं हाथ में त्रिशूल
- बाएं हाथ में कमल
- शक्ति और साधना का प्रतीक
मां शैलपुत्री की पूजा से सपनों की पूर्ति, मानसिक शांति और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
नवरात्रि की तैयारी
भक्त इस दिन कलश स्थापना के साथ जौ बोने और अखंड ज्योति प्रज्वलित करने की परंपरा निभाते हैं। यह नवरात्रि आध्यात्मिक शांति, शक्ति और समृद्धि का पर्व मानी जाती है।