1 October, 2025
भारत में शक्ति की उपासना का सबसे बड़ा पर्व दुर्गा पूजा आज पूरे देश में हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक मेल-जोल का भी प्रतीक है।
नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा के अलग-अलग रूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। हर एक स्वरूप साहस, शक्ति और भक्ति का संदेश देता है। विशेषकर पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और बिहार में दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन होता है, वहीं उत्तर भारत में इसे नवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।
दुर्गा पूजा का महत्व
यह उत्सव देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय की याद दिलाता है, जो सदियों से अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने रावण से युद्ध करने से पहले मां दुर्गा की आराधना की थी और 108 नीले कमल एवं दीप अर्पित कर विजय का आशीर्वाद प्राप्त किया था।
सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव
इन दिनों पंडालों में भव्य मूर्तियां सजाई जाती हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं और समाज के सभी वर्ग इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, महिला शक्ति के सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव है।