गाजा | गाजा पट्टी में इजरायल की गोलीबारी और हवाई हमलों में कम से कम 57 फ़लस्तीनी नागरिक मारे गए हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ जब हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तुत शांति प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
ट्रंप योजना के मुख्य बिंदु
ट्रंप की योजना के अनुसार, हमास को सभी 48 बंधकों को रिहा करना होगा और सैकड़ों फ़लस्तीनी कैदियों की रिहाई, लड़ाई समाप्त करने और सत्ता छोड़ने के बदले निरस्त्रीकरण करना होगा।
इजरायल और फलस्तीन का रुख
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, लेकिन इसमें फलस्तीन को देश के रूप में मान्यता देने का कोई उल्लेख नहीं है। फलस्तीन के लोग शांति चाहते हैं, लेकिन कई लोगों का मानना है कि यह योजना इजराइल के पक्ष में है। हमास के एक अधिकारी ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि प्रस्ताव की कुछ शर्तें अस्वीकार्य हैं, हालांकि उन्होंने विस्तृत विवरण नहीं दिया।
मध्यस्थ देशों की प्रतिक्रिया
कतर और मिस्र ने भी कहा कि कुछ मुद्दों पर और बातचीत की आवश्यकता है।
हमलों में हताहतों की स्थिति
- दक्षिणी गाजा: नासिर अस्पताल के अनुसार, इजराइली गोलीबारी में कम से कम 29 लोग मारे गए। इनमें से 14 लोग ऐसे स्थान पर थे जिसे इजराइली सैन्य गलियारा कहा जाता है, जहां लोगों को जरूरत का सामान दिया जाता है।
- दीर अल-बलाह: अल-अक्सा शहीद अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि 16 लोग मारे गए, जिनके शव अस्पताल लाए गए।
- गाजा सिटी: शिफा अस्पताल में पांच शव और कई घायल पहुंचे। अन्य अस्पतालों ने सात और मौतों की पुष्टि की।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
‘Doctors Without Borders’ ने कहा कि उनके एक व्यावसायिक चिकित्सक उमर हायेक की बस का इंतज़ार करते समय हमले में मौत हो गई और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस संस्था ने उन्हें “अत्यंत दयालु और पेशेवर चिकित्सक” करार दिया।
इजरायली सेना का रुख
इजरायली सेना ने इस हमले और हताहतों पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।