नई दिल्ली | वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने स्पष्ट उद्देश्य के साथ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और उद्देश्य पूरा होने के बाद इसे समाप्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस अभियान से पूरी दुनिया को सबक लेना चाहिए।
वायुसेना दिवस से पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एयर चीफ मार्शल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर तीनों सेनाओं के समन्वय और तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि वायु सेना ने अपनी लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ‘रोडमैप 2047’ तैयार किया है।
ऑपरेशन सिंदूर का विवरण:
- जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन शुरू किया।
- ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकी ढांचे निशाना बनाए गए।
- पाकिस्तान के रडार, कमांड और कंट्रोल सेंटर, रनवे और हैंगर को नुकसान पहुंचा।
- चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के बाद 10 मई को कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
- ऑपरेशन के दौरान लंबी दूरी वाले एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) और चार-पांच लड़ाकू विमानों के सबूत मिले।
एयर चीफ मार्शल ने बताया कि तीनों सेनाओं ने हवाई रक्षा प्रणाली ‘सुदर्शन चक्र’ पर काम करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को भारत के महत्वपूर्ण सैन्य और नागरिक प्रतिष्ठानों की रक्षा के लिए स्वदेशी हवाई रक्षा प्रणाली विकसित करने की परियोजना की घोषणा की थी। इसके सवाल पर कि क्या भारतीय वायुसेना और अधिक एस-400 मिसाइलें खरीदने पर विचार कर रही है, एयर चीफ मार्शल ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि यह प्रणाली अच्छी साबित हुई है।