Shimla, Sanju
आईएएस संजय गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का कार्यकारी मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है और बीते दिन ही उन्होंने कार्यभार संभाल लिया था। वहीं शुक्रवार को मुख्यमंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद उन्होंने अधिकारियों को समय पर दफ्तर आने का फरमान जारी किया।
बिना बताए शहर से बाहर नहीं जाएंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि प्रदेश में 7 प्राथमिकताओं को तय किया गया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, पावर, प्राकृतिक खेती और डाटाबेस को प्रमोट करना शामिल है। इस पर दो सालों में काम किया जाएगा।उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई है जिसमें कई सचिव भी मौजूद रहे, जहां इन 7 बिंदुओं को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जाएंगी। वहीं उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी अधिकारियों को समय पर दफ्तर आने के लिए कहा है और कोई भी अधिकारी यदि शहर के बाहर जाएंगे तो उन्हें मंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्रियों और मुख्य सचिव को बताना होगा, ताकि उन्हें पता हो कि वह बाहर गए हैं और उन्हें ढूंढना न पड़े।
अधिकारी समय पर आएं और समय पर काम करें और फाइलों का निपटारा समय पर करें, इसके निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। फाइलों का एक-दो दिन के अंदर निपटारा किया जाए। मुख्यमंत्री एक महीने के अंदर रिव्यू करेंगे ताकि यह पता चले कि कौन काम नहीं कर रहा है।उन्होंने कहा कि अनुशासन बहुत जरूरी है। जब बिजली बोर्ड में गए थे तो वहां की हालत काफी खराब थी, वहां कभी कोई चेयरमैन नियमित रूप से नहीं बैठता था, लेकिन जब नियमित बैठना शुरू किया तो सभी समय पर आने लगे। वहीं, बिजली बोर्ड में लगने वाले नारे भी बंद हो गए। बोर्ड की वित्तीय हालत भी खराब थी, जिसे सुधारा गया और 15 महीनों में ही 500 करोड़ का लाभ हुआ।
हालांकि प्रदेश की आर्थिक स्थिति कठिन है, ऐसे में मेहनत करके काम करना पड़ेगा, लेकिन अगले साल ऐसी स्थिति नहीं रहेगी। विकास कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी और काम बंद हो जाए, प्रदेश में ऐसी नौबत नहीं आने दी जाएगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा के दौरान हुए नुकसान को लेकर भारत सरकार के साथ वार्ता हो रही है। इस साल का जो नुकसान हुआ है, उसका प्रपोजल बनाकर भेजा जा रहा है और पिछले पैसे आने पर उन्हें दो किस्तों में देने के प्रयास किए जा रहे हैं।