चंडीगढ़ | दिल्ली और हरियाणा के बीच आवागमन को आसान बनाने वाली हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन (RRTS) प्रोजेक्ट का काम तेज हो गया है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने दिल्ली–पानीपत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस परियोजना के तहत 136 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण होगा, जिसे भविष्य में करनाल तक बढ़ाने की योजना है।
प्री-कंस्ट्रक्शन का काम शुरू
NCRTC ने पहले चरण में नरेला से मुरथल तक 22 किलोमीटर के हिस्से में यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य शुरू कर दिया है। इसमें बिजली की तारें, ट्रांसफॉर्मर और लो-टेंशन केबल हटाने का काम शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग एक साल का समय लगेगा।
प्रोजेक्ट की खास बातें
- कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर नरेला, कुंडली, सोनीपत, गन्नौर, समालखा होते हुए पानीपत तक जाएगा।
- कुल 17 स्टेशन होंगे।
- ट्रेनें 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी।
- वर्तमान में दिल्ली से पानीपत का सफर करीब 3 घंटे में पूरा होता है, जिसे घटाकर सिर्फ 1 घंटे में कर दिया जाएगा।
यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
सराय काले खां स्टेशन न केवल दिल्ली–पानीपत कॉरिडोर का शुरुआती बिंदु होगा, बल्कि यह दिल्ली–मेरठ और दिल्ली–अलवर कॉरिडोर के लिए भी नोडल हब रहेगा। यहां से यात्री एक ही जगह पर ट्रेन, मेट्रो और बस की सुविधा ले पाएंगे।
हरियाणा को बड़ा लाभ
NCRTC का दावा है कि रैपिड रेल शुरू होने से करीब 1 लाख यात्री रोजाना तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा कर सकेंगे। इसके अलावा, NH-44 (दिल्ली–अंबाला हाईवे) पर लगने वाले जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी।
मंजूरी अभी बाकी
हालांकि इस प्रोजेक्ट को लेकर अंतिम वित्तीय मंजूरी दिल्ली और हरियाणा सरकार से अभी प्राप्त नहीं हुई है। इसके बावजूद प्री-कंस्ट्रक्शन कार्यों की शुरुआत ने परियोजना की रफ्तार को तेज कर दिया है।