Una, Rakesh
हिमाचल प्रदेश के पूर्व पंचायती राज मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र कंवर ने ऊना में मीडिया से बातचीत के दौरान दावा किया कि इस वर्ष दिसंबर में प्रस्तावित पंचायत चुनाव अब नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार संभावित हार के डर से चुनावों को एक वर्ष तक टालने की तैयारी में है।
कंवर ने बताया कि परंपरागत रूप से हर चुनावी वर्ष में 25 सितंबर तक पंचायतों का रोस्टर जारी हो जाता था, लेकिन इस बार अक्टूबर का आधा महीना बीत जाने के बावजूद न तो रोस्टर जारी हुआ है और न ही चुनावी लिस्ट सरकार के दफ्तरों तक पहुंची है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत ही नहीं हुई है, तो दिसंबर में चुनाव कराना संभव नहीं है।
सुक्खू सरकार हार के डर से टाल सकती है चुनाव
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि पंचायती राज विभाग और राज्य चुनाव आयोग दोनों असमंजस में हैं, क्योंकि सरकार की ओर से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। कंवर ने कहा कि कांग्रेस सरकार जानबूझकर आपदा का बहाना बना रही है, जबकि पंचायत चुनाव आयोजित करने के लिए राज्य की स्थिति पूरी तरह सामान्य है।उन्होंने यह भी कहा कि जनता भाजपा समर्थक उम्मीदवारों के पक्ष में है, इसलिए सरकार हार के डर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया से भाग रही है। कंवर ने याद दिलाया कि जिस तरह सरकार ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक निदेशक मंडल के चुनावों को टाला, उसी तरह पंचायत चुनाव को भी टालने की कोशिश हो रही है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि यह कदम लोकतंत्र और ग्रामीण जनता के अधिकारों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार चुनाव टालती है, तो भाजपा कानूनी और जन आंदोलन दोनों माध्यमों से इसका विरोध करेगी।वीरेंद्र कंवर का यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर गया है। अब यह देखना बाकी है कि सुक्खू सरकार इस दावे पर क्या रुख अपनाती है और पंचायत चुनाव समय पर होंगे या एक वर्ष तक टल जाएंगे।