Mandi,9 October
मंडी जिला की सबसे ऊंची चोटी माता शिकारी देवी में मौसम के बदले मिजाज के चलते सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। आमतौर पर नवंबर के मध्य में शुरू होने वाली बर्फबारी इस बार करीब एक माह पहले ही हो गई है। बर्फ गिरने से पूरा क्षेत्र सफेद चादर की आगोश में समा गया है और ठंड में भी काफी इजाफा हुआ है।
माता शिकारी देवी मंदिर के पुजारी सुरेश शर्मा ने बताया कि सोमवार से ही हल्की बर्फबारी शुरू हो गई थी, जो मंगलवार को भी जारी रही। अब तक करीब 2 से 3 इंच बर्फ गिर चुकी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम साफ होने तक मंदिर की ओर रुख न करें, ताकि खराब मौसम के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। पुजारी ने प्रशासन से भी आग्रह किया है कि फिलहाल श्रद्धालुओं को मंदिर की ओर न भेजा जाए।
11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है शिकारी माता का दरबार
शिकारी देवी मंदिर लगभग 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है और सराज घाटी के जंजैहली से 16–18 किलोमीटर दूर है। मां के शक्ति रूप को समर्पित यह मंदिर अपनी अनूठी परंपराओं और रहस्यमयी संरचना के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर की खासियत यह है कि इसके ऊपर कोई छत नहीं है — माता खुले आसमान के नीचे ही विराजमान रहती हैं।
आमतौर पर यहां नवंबर में बर्फबारी दर्ज की जाती है और 15 नवंबर से अगले 3–4 महीनों तक मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। लेकिन इस वर्ष समय से पहले हुई बर्फबारी को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि मंदिर के कपाट इस बार अक्टूबर में ही बंद करने पड़ सकते हैं।