Shimla, Sanju
सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर इस कानून को कमजोर करने के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने 2019 में किए गए संशोधनों को तुरंत निरस्त करने, सूचना आयोग की स्वतंत्रता बहाल करने और आयुक्तों के लिए पाँच वर्ष का निश्चित कार्यकाल व सुरक्षित सेवा शर्तें सुनिश्चित करने की मांग की है।
RTI को कमजोर कर रही भाजपा सरकार
राज्यसभा सांसद और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने शिमला में संयुक्त प्रेस वार्ता कर कहा कि यूपीए सरकार ने सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से RTI अधिनियम लागू किया था।नेताओं ने कहा कि RTI के साथ-साथ मानवाधिकार अधिनियम 2006, शिक्षा का अधिकार 2009, भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजे का अधिकार अधिनियम 2013 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 जैसे कई ऐतिहासिक कानून भी यूपीए सरकार की उपलब्धियाँ थीं, जिन्हें वर्तमान केंद्र सरकार कमजोर करने का प्रयास कर रही है।कांग्रेस ने यह भी मांग की कि केंद्र और राज्य सूचना आयोगों में सभी रिक्तियां पारदर्शी व समयबद्ध प्रक्रिया से भरी जाएँ, आयोगों के कार्य निष्पादन के मानक तय किए जाएँ और मामलों के निपटारे की सार्वजनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य की जाए।