Shimla, 13 October
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने तीन वर्ष पूरे करने जा रही है, लेकिन जनता अब भी उन गारंटियों के इंतजार में है जिनका वादा कांग्रेस ने किया था। उन्होंने कहा कि अब जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हिमाचल का दौरा कर रहे हैं, उन्हें चाहिए कि वे मुख्यमंत्री से पूछें — “कौन-सी गारंटी पूरी हुई और किसे लाभ मिला?”
जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि कितने युवाओं को ठूंजा साल वाली पक्की नौकरी मिली? कितने युवाओं को राजीव गांधी स्टार्टअप योजना का लाभ मिला? कितनी महिलाओं को सम्मान निधि मिली? और किसानों का दूध ₹100 प्रति किलो के हिसाब से कितना खरीदा गया?”उन्होंने कहा कि सरकार ने सेब बागवानों से यह वादा किया था कि दाम वे खुद तय करेंगे, लेकिन आज 27 साल में सेब के दाम सबसे नीचे हैं।जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेतृत्व से आग्रह किया कि वे केवल कागजी आंकड़ों पर भरोसा न करें, बल्कि जमीनी हकीकत का जायजा लें।उन्होंने कहा कि हिम केयर योजना के लाभार्थियों को इलाज नहीं मिल पा रहा, आपदा प्रभावित राहत के लिए भटक रहे हैं, और पेंशनर अपने हक के लिए सड़कों पर हैं।जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में संविधान बचाओ यात्रा की बात करने वाली कांग्रेस खुद नगर निगम और पंचायत चुनाव टालकर जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर बनी सरकार अब “मित्रों की सरकार” बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के बजाय पिछड़ रही है और पूरा प्रशासन कार्यवाहक ब्यूरोक्रेसी के भरोसे चल रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार गारंटियों से नहीं, अच्छी नीयत से चलती है — और वर्तमान सरकार की नीयत में खोट साफ दिखाई दे रही है।