चंडीगढ़ | पंजाब स्वास्थ्य विभाग 236 नए आम आदमी क्लीनिक खोलने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके बाद राज्य में कुल क्लीनिकों की संख्या 1,117 हो जाएगी। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मंगलवार को सिविल सर्जनों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में दी।
मंत्री ने पंजाब विकास आयोग द्वारा किए गए हालिया मरीज फीडबैक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि 96 प्रतिशत मरीजों ने क्लीनिकों की सेवाओं से संतुष्टि व्यक्त की है, जो इन क्लीनिकों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
डॉ. बलबीर ने सिविल सर्जनों को निर्देश दिए कि नए क्लीनिकों की स्थापना में तेजी लाए जाए और उनका समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए डॉक्टरों और आवश्यक स्टाफ की भर्ती तुरंत शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों को स्वास्थ्य किट और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHOs) को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नेटवर्क मजबूत हो और जमीनी स्तर पर बेहतर सेवाएं मिल सकें।
एआई तकनीक से गंभीर बीमारियों की पहचान
स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि पंजाब छाती के कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की शीघ्र पहचान और प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अग्रणी उपयोग कर रहा है। बाल स्वास्थ्य सुरक्षा पहल के तहत, सभी 250 RBSK टीमों को AI ऑटो रिफ्रेक्टर उपकरण दिए जाएंगे, ताकि स्कूल जाने वाले बच्चों में दृष्टि/रिफ्लेक्टिव दोषों की समय पर पहचान हो सके।
इस कार्यक्रम के तहत प्रभावित बच्चों को आवश्यक चश्मे भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनकी दृष्टि और भविष्य सुरक्षित रह सके।
इस अवसर पर मंत्री ने सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन, डॉ. अर्शदीप कौर, डॉ. मनहर कौर, डॉ. वसुधा, डॉ. धर्मवीर अहीर और भवंदीप कौर को विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। बैठक में प्रधान सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, विशेष सचिव सह MD NHM घनश्याम थोरी, MD PHSC अमित तलवार और निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. हितिंदर कौर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।