चंडीगढ़ | मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन (MWB) के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से शिष्टाचार भेंट कर संगठन के आगामी प्रांतीय स्तर के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री सैनी ने बिहार विधानसभा चुनावों के बाद कार्यक्रम में शामिल होने का आश्वासन दिया। वर्तमान में वह चुनाव प्रचार हेतु बिहार रवाना हो रहे हैं।
धरणी ने बताया कि मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन पत्रकारों के हित में कार्य करने वाली पहली ऐसी संस्था है, जो किसी भी बीमा योजना के तहत पत्रकारों से कोई शुल्क नहीं लेती। यह संगठन पत्रकारों और उनके परिवारों को सुरक्षा कवच प्रदान करने के उद्देश्य से कार्यरत है। हाल ही में एक वरिष्ठ पत्रकार के निधन के बाद, एमडब्ल्यूबी द्वारा पूर्व में करवाई गई बीमा योजना के तहत संबंधित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि बीमा कंपनी से दिलवाई गई।
संस्था समय-समय पर ज़रूरतमंद पत्रकारों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराती है। हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक पत्रकारों को संगठन द्वारा वित्तीय मदद दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, दोनों ही पत्रकार कल्याण के प्रति सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पिछले 11 वर्षों में हरियाणा में भाजपा शासन के दौरान पत्रकार हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें पत्रकारों को सेवानिवृत्ति पर पेंशन योजना से जोड़ना एक प्रमुख उपलब्धि रही है।
धरणी ने बताया कि मीडिया वेलबिंग द्वारा उठाई गई दो प्रमुख मांगों को भी सरकार ने स्वीकार किया है:
- एफआईआर दर्ज होने पर सरकारी सुविधाओं पर रोक – अब जब तक आरोप सिद्ध न हो, पत्रकार को सभी सरकारी लाभ पूर्ववत मिलते रहेंगे।
- एक परिवार में एक से अधिक पत्रकारों को पेंशन – अब दोनों पात्र पत्रकारों को पेंशन का लाभ मिलेगा, जबकि पहले केवल एक को ही यह सुविधा मिलती थी।
धरणी ने यह भी जानकारी दी कि एमडब्ल्यूबी द्वारा गंभीर रूप से बीमार या संकटग्रस्त पत्रकारों की मदद के लिए एक तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो सहानुभूतिपूर्वक मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार सहायता प्रदान करती है। अब तक संस्था द्वारा अनेक गंभीर रोगों से पीड़ित पत्रकारों को आर्थिक संबल प्रदान किया गया है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन उत्तर भारत का ऐसा एकमात्र संगठन है, जो न केवल अपने सदस्यों बल्कि गैर-सदस्य पत्रकारों की भी बिना किसी भेदभाव के सहायता करता है।