अंबाला । जिले में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को शाम 4 बजे अंबाला का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 312 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। इस स्तर की हवा में सांस लेना स्वस्थ लोगों के लिए भी हानिकारक है, जबकि बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों के लिए स्थिति खतरनाक हो चुकी है।
पंजाब से आ रहा धुआं बढ़ा रहा प्रदूषण
अंबाला में इन दिनों हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी है, जिसके कारण पंजाब की ओर से उठने वाला धुआं शहर की ओर बढ़ रहा है। नमी और तापमान में गिरावट के चलते प्रदूषण के कण जमीन के पास ही फंस गए हैं, जिससे स्मॉग की परत और गहरी हो गई है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर की बड़ी वजहें हैं:
- पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना
- सड़कों पर उड़ती धूल
- कचरा जलाना
- वाहनों की बढ़ती संख्या
- मौसम के कारण प्रदूषण का फंसना
दिवाली से भी खराब हुई हवा
अक्टूबर महीने के आंकड़ों में साफ दिख रहा है कि प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। 22 अक्टूबर की सुबह 8:04 बजे AQI 441 तक पहुंच गया था, जो इस महीने का सबसे खराब स्तर रहा। यह दीपावली के बाद के स्तर से भी अधिक है।
| तारीख | AQI स्तर | श्रेणी |
|---|---|---|
| 15 अक्टूबर | 70 | संतोषजनक |
| 16 अक्टूबर | 133 | मध्यम |
| 17 अक्टूबर | 89 | संतोषजनक |
| 18 अक्टूबर | 88 | संतोषजनक |
| 19 अक्टूबर | 147 | मध्यम |
| 20 अक्टूबर | 100 | मध्यम |
| 21 अक्टूबर | 234 | खराब |
| 22 अक्टूबर | 312 | बहुत खराब |
AQI 312 का मतलब क्या है?
AQI छह मुख्य प्रदूषकों—PM2.5, PM10, NO₂, SO₂, CO और O₃ के आधार पर तय होता है। 312 का स्तर बताता है कि हवा में मौजूद सूक्ष्म कण सामान्य सीमा से लगभग पांच गुना अधिक हैं। इससे फेफड़ों की क्षमता कम हो सकती है और लंबे समय तक संपर्क में रहने पर गंभीर श्वसन रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
| श्रेणी | AQI स्तर | स्थिति |
|---|---|---|
| 0–50 | अच्छा | स्वच्छ हवा |
| 51–100 | संतोषजनक | सामान्य |
| 101–200 | मध्यम | संवेदनशील लोगों को असर |
| 201–300 | खराब | सांस की तकलीफ संभव |
| 301–400 | बहुत खराब | अधिकांश लोगों को परेशानी |
| 401–500 | गंभीर | स्वास्थ्य के लिए खतरनाक |
अस्पतालों में मरीज बढ़े
जिला नागरिक अस्पताल के मुताबिक, पिछले 48 घंटों में सांस और एलर्जी से संबंधित मरीजों की संख्या में 15% बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभज्योति प्रकाश पुंज ने बताया:
- बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए
- सुबह की सैर व आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह
- अस्थमा और एलर्जी मरीजों के मामले बढ़े
- आँखों में जलन, गले में खराश और खांसी-जुकाम के मामले तेजी से बढ़ रहे
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क पहनने, घर में एयर प्यूरीफिकेशन का इस्तेमाल करने और ज्यादा से ज्यादा भाप लेने की सलाह दी है।