नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आधारित पुस्तक ‘मोदी का मिशन’ का आज भव्य लोकार्पण मुंबई के राजभवन में हुआ। समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उपस्थित रहे।
लेखक और प्रसिद्ध वकील बर्जिस देसाई की यह पुस्तक पीएम मोदी के जीवन और विचारों को “एक विचार की कहानी” के रूप में पेश करती है, जिसमें राष्ट्रीय पुनर्जागरण और आत्मनिर्भर भारत के उनके मिशन को उजागर किया गया है।
पुस्तक में क्या है खास
देसाई ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दृढ़ संकल्प और उद्देश्य से शुरुआती पूर्वाग्रहों और झूठे आख्यानों को मात दी। पुस्तक में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, जीएसटी लागू करने, अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने, विमुद्रीकरण और पारदर्शी शासन के लिए किए गए प्रयासों का विश्लेषणात्मक विवरण शामिल है।
राज्यपाल ने दी सराहना
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा, “जो व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी अपना रास्ता स्वयं बनाता है, वही वास्तव में महान होता है, और पीएम मोदी ने ठीक ऐसा किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने कई जटिल राष्ट्रीय मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से हल किया और उनके नेतृत्व ने भारत और भारतीयों का सम्मान विश्व स्तर पर बढ़ाया।
सीएम फडणवीस का बयान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुस्तक को पीएम मोदी के जीवन और दृष्टिकोण का विस्तृत परिचय बताया। उन्होंने कहा कि मोदी ने 2047 तक भारत को मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने की नींव रखी है और गरीबों, किसानों, युवाओं तथा महिलाओं को सशक्त बनाया। फडणवीस ने उल्लेख किया, “जहाँ 20वीं सदी महात्मा गांधी की थी, वहीं 21वीं सदी नरेंद्र मोदी की है।”
उपमुख्यमंत्री शिंदे की राय
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह पुस्तक अन्य पुस्तकों से अलग है, क्योंकि इसमें पीएम मोदी की उपलब्धियों और मूल्यों का ईमानदार चित्रण प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों को प्रेरित करने के लिए पुस्तक की कहानियों को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकता है।
रूपा पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित ‘मोदी का मिशन’ पीएम मोदी की यात्रा, उनके सामने आई चुनौतियों और भारत के विकास में उनके योगदान का गहन विवरण देती है।