चंडीगढ़ | पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को आश्वस्त किया है कि राज्य में लंबित पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों की पूरी प्रक्रिया 5 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। यह जानकारी मंगलवार को चुनावों में देरी के खिलाफ दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दी गई।
लुधियाना निवासी बेअंत कुमार किंगर की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि राज्य की 150 पंचायत समितियों और 21 जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त हुए एक साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि यह स्थिति संविधान के अनुच्छेद 243-ई (3) का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसमें प्रावधान है कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव उनके कार्यकाल समाप्त होने से पहले या अधिकतम छह माह के भीतर कराना अनिवार्य है।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश शील नागू ने चुनावों में अनावश्यक देरी पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह संवैधानिक प्रावधानों की अवमानना है। अदालत ने टिप्पणी की कि समय रहते चुनाव कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और देरी लोकतांत्रिक प्रणाली को कमजोर करती है।
सरकार की ओर से बताया गया कि पिछले कुछ महीनों में आई बाढ़ के चलते चुनाव कार्यक्रम प्रभावित हुआ था। हालांकि, अब अधिसूचना जारी कर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हाईकोर्ट ने सरकार की दलील स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई नवंबर के अंतिम सप्ताह के लिए निर्धारित की। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार तय समयसीमा का सख्ती से पालन करे ताकि ग्राम स्तरीय लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं और विकास कार्यों पर कोई असर न पड़े।