मुंबई | देश के विनिर्माण क्षेत्र में अक्टूबर महीने में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में 22 सितंबर से किए गए बदलावों और सुधारों के बाद घरेलू उत्पादन गतिविधियों को बड़ा बल मिला है। एचएसबीसी द्वारा जारी भारत विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (PMI) सितंबर के 57.7 से बढ़कर अक्टूबर में 59.2 पर पहुंच गया, जो पिछले कई महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
सूचकांक में 50 से ऊपर का स्तर औद्योगिक विस्तार का संकेत देता है, जबकि इससे नीचे गिरना मंदी का। इस लिहाज से अक्टूबर में विनिर्माण क्षेत्र ने मजबूती से रफ्तार पकड़ी है।
एचएसबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी में राहत, उत्पादकता में सुधार और तकनीकी निवेश में बढ़ोतरी ने इस वृद्धि को बल दिया है। नए ऑर्डरों में तेज उछाल देखने को मिला है, खासकर घरेलू बाजार से। हालांकि, विदेशी ऑर्डरों की रफ्तार में कुछ सुस्ती दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कच्चे माल के भंडार में लगभग रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ोतरी हुई है, जबकि विदेशी बिक्री पिछले 10 महीनों में सबसे धीमी गति से बढ़ी।
एचएसबीसी इंडिया की मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, “अक्टूबर में मजबूत मांग के चलते उत्पादन, नए ऑर्डर और रोजगार सृजन में तेजी आई है। लागत घटने और औसत विक्रय मूल्य बढ़ने से उद्योगों को राहत मिली है। जीएसटी सुधार और स्थिर मांग के चलते कारोबारी भावना फिलहाल बेहद सकारात्मक बनी हुई है।”
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद में बढ़ोतरी की, जो मई 2023 के बाद सबसे तेज गति से हुई। लगातार 12वें महीने नए रोजगार सृजित हुए, हालांकि यह वृद्धि सितंबर की तुलना में कुछ धीमी रही।