Shimla, 4 November
सुंदरनगर में लगभग 3.73 करोड़ रुपये की लागत से तैयार आधुनिक विश्रामगृह का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद विभाग को हैंडओवर नहीं हो पाया है। करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान लंबित रहने के चलते ठेकेदार ने भवन पर ताला जड़ दिया है। भवन में केवल फर्नीचर लगाने का कार्य शेष है, लेकिन विभागीय धनाभाव के कारण यह भी आगे नहीं बढ़ पा रहा।
सूत्रों के अनुसार, यह परियोजना पूर्व सरकार के कार्यकाल में लोक निर्माण विभाग द्वारा शुरू की गई थी। फर्नीचर के लिए 50 लाख रुपये का अतिरिक्त प्रावधान भी किया गया था, परंतु पिछले एक वर्ष से भुगतान अटका हुआ है। परिणामस्वरूप भवन उपयोग में नहीं आ पा रहा और विभागीय फाइलें कोषागार में लंबित हैं।इस बीच, भाजपा नेता राकेश जमवाल ने कहा कि यह स्थिति राज्य सरकार की वित्तीय चुनौतियों और प्रशासनिक ढिलाई को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा दिवाली से पहले ठेकेदारों के भुगतान का किया गया वादा पूरा नहीं हुआ, जिससे निर्माण कार्य ठप पड़ गए हैं।
जमवाल ने कहा कि प्रदेशभर में ठेकेदारों को भुगतान न मिलने के कारण विकास योजनाएं अधर में लटकी हैं। उनका कहना है कि “सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है, ट्रेज़री बंद हैं और विभाग बिल पास नहीं कर पा रहे।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायतों को फंड नहीं मिल रहे और विधायक निधि के कार्य भी अटके हुए हैं।राज्य में 2023 की आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कार्यों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है। भाजपा ने सरकार से आग्रह किया है कि लंबित भुगतानों का शीघ्र निपटारा किया जाए ताकि विकास कार्य पुनः शुरू हो सकें।