4 November, 2025
सिख समुदाय के लिए सबसे पवित्र पर्वों में से एक गुरु नानक देव जी की जयंती इस वर्ष 5 नवंबर, बुधवार को पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार यह तिथि कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन आती है, जिसे सिख धर्म में ‘गुरु पर्व’ या ‘प्रकाश पर्व’ के रूप में जाना जाता है।
यह दिन सिख धर्म के संस्थापक और प्रथम गुरु, श्री गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस वर्ष उनकी 556वीं जयंती है, जिसे देश और विदेश में बसे लाखों श्रद्धालु भक्ति और सेवा भावना से मनाएंगे।देशभर के गुरुद्वारों में कीर्तन, लंगर, नगर कीर्तन और प्रभात फेरियाँ आयोजित की जाएंगी। श्रद्धालु सुबह-सुबह गुरुद्वारों में जाकर गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ में सहभागी बनेंगे और ‘सत नाम श्री वाहेगुरु’ का जाप करेंगे।
गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का मुख्य आधार रहा है —
“एक ओंकार सतनाम, करता पुरख, निर्भउ, निरवैर।”
उन्होंने सिखाया कि ईश्वर एक है, जो सबमें विद्यमान है और जो सभी से समान प्रेम करता है।
उनका संदेश मानवता, समानता, सत्य, और सेवा का प्रतीक है।गुरु नानक देव जी ने जात-पात, भेदभाव और दिखावे का विरोध किया तथा लोगों को ईमानदारी, करुणा और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
गुरु पर्व के अवसर पर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सहित देशभर में रोशनी, सजावट और भक्ति का माहौल रहेगा। विदेशों में भी सिख समुदाय इस दिन को बड़े सम्मान और उल्लास के साथ मनाता है।गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ आज भी समाज को एकता, प्रेम और सद्भाव का मार्ग दिखाती हैं।
“न कोई हिंदू, न कोई मुसलमान — सब इंसान हैं, सब में एक ही परमात्मा है।”