Dharamahala, Rahul
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार नवंबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि यह निर्णय दिसंबर माह में शुरू होने वाले पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों व कारोबारियों को असुविधा न हो।
पठानिया ने बताया कि इस बार सत्र की आठ बैठकें (सीटिंग्स) प्रस्तावित हैं, जो अब तक का सबसे लंबा शीतकालीन सत्र होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल विधानसभा एक विधायी संस्था के रूप में पूरे देश में बेहतरीन कार्य कर रही है।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा —रचनात्मक चर्चा और संवाद जितना अधिक होगा, लोकतांत्रिक संस्थाएं उतनी ही सशक्त बनेंगी। सुविचारित तर्क और सकारात्मक विचार-विमर्श से व्यक्ति और संस्था दोनों की प्रतिष्ठा बढ़ती है।उन्होंने हिमाचल की गौरवशाली लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1925 में शिमला में पीठासीन अधिकारियों का पहला सम्मेलन आयोजित हुआ था, जो लोकतांत्रिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम था। उन्होंने कहा कि विट्ठलभाई पटेल हिमाचल से केंद्रीय विधान परिषद के सभापति चुने गए थे, जो राज्य के लिए गौरव की बात है।
पठानिया ने यह भी बताया कि हिमाचल विधानसभा देश की पहली पेपरलेस विधानसभा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, और युवा विधायकों को पर्याप्त समय देकर उन्हें अपने सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है।