Mandi, Dharamveer
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों की बहाली में देरी और किसानों-बागवानों की बढ़ती परेशानियों को लेकर मंडी सदर से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मौजूदगी में खुलकर अपनी बात रखी। यह कार्यक्रम मंडी के पड्डल मैदान में आयोजित आपदा राहत वितरण समारोह के दौरान हुआ, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार से आपदा प्रभावित लोगों के लिए राहत कार्यों को तेज करने की मांग की।
विधायक अनिल शर्मा ने उठाई सड़कों और बागवानों की समस्या
अनिल शर्मा ने कहा कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र की सनौर घाटी की सड़कें अब भी बंद पड़ी हैं, जिससे क्षेत्र के बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने बताया कि सड़क बंद रहने के कारण लाखों रुपये का सेब बगीचों में ही सड़ गया, और अब हालात ऐसे हैं कि एक साल तक बहाली की उम्मीद नहीं दिख रही। उन्होंने कहा कि यह केवल सड़कों का नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और मेहनतकश लोगों की जीविका का भी सवाल है।
भाजपा विधायक ने कहा कि आपदा ने किसानों और बागवानों की वर्षों की मेहनत को तबाह कर दिया है, लेकिन सरकार की ओर से राहत केवल घर टूटने वाले परिवारों तक सीमित है। उन्होंने मांग की कि किसानों और बागवानों को भी विशेष राहत पैकेज दिया जाए, ताकि वे अपने खेतों और बागानों को दोबारा संवार सकें।
अनिल शर्मा ने मंच से कहा, “आज प्रदेश को किसी पार्टी की नहीं, बल्कि राहत की जरूरत है। आपदा के इस कठिन समय में सभी को मिलकर मदद करनी होगी, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से हो।” उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जिन परिवारों के घर आपदा में रहने योग्य नहीं बचे हैं, उन्हें पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों की श्रेणी में रखकर 7 लाख रुपये की राहत राशि दी जाए, ताकि वे अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकें।उन्होंने कहा कि राहत वितरण में पारदर्शिता और तेजी लाना जरूरी है, ताकि कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी विधायक की बातों का समर्थन किया और सरकार से शीघ्र कदम उठाने की अपेक्षा जताई।