71 नए पद जोड़कर 30,317 प्रतिनिधि चुनने की तैयारी
Shimla, 16 November
हिमाचल प्रदेश में इस बार होने वाले पंचायती राज चुनाव पिछली बार की तरह नहीं होंगे। गांवों की सरकार के इस सबसे बड़े लोकतांत्रिक उत्सव से पहले ही सत्ता संतुलन का पूरा नक्शा बदला जा चुका है। पंचायती राज विभाग ने नए आंकड़ों और पुनर्गठन के आधार पर पंचायत प्रतिनिधित्व का नया ढांचा तय कर दिया है, जिससे कई पदों पर कैंची चलेगी तो कई नए अवसर भी जन्म लेंगे।छोटे से पहाड़ी राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ाने वाली इस कवायद ने संकेत दे दिए हैं कि चुनाव से पहले ही समीकरण बदलने वाले हैं।
76 प्रधान–उपप्रधान पद होंगे खत्म
विभाग द्वारा तैयार किए गए नए ढांचे के अनुसार, इस बार पंचायत प्रधान और उपप्रधान के 76 पद कम हो जाएंगे। पंचायती संख्या में कमी के कारण ग्राम पंचायत वार्डों की संख्या भी 256 कम हो रही है।
इसके उलट, नई प्रशासनिक इकाइयों और पुनर्गठन के चलते पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर प्रतिनिधियों की 71 सीटों की वृद्धि की गई है। ये बदलाव वर्ष 2021 के चुनाव के बाद कई पंचायतों को नगर पंचायत में मिलाए जाने, नए विकासखंडों के निर्माण और एक नए जिला परिषद वार्ड के गठन के कारण हुए हैं।
2021 में थे 30,578 प्रतिनिधि
पिछले चुनाव यानी वर्ष 2021 में प्रदेश की कुल 3615 पंचायतों में उतने ही प्रधान और उपप्रधान चुने गए थे। इसके अलावा 21,403 वार्ड सदस्य, 1696 पंचायत समिति सदस्य और 249 जिला परिषद सदस्य चुने गए थे।
इस तरह उस समय कुल 30,578 जनप्रतिनिधि पंचायती राज संस्थाओं में चुने गए थे।
अब चुनेंगे 30,317 प्रतिनिधि
इस बार कई पंचायतों के नगर पंचायतों में विलय होने से प्रदेश में पंचायतों की संख्या घटकर 3577 रह गई है। इसी आधार पर अब 3577 प्रधान, 3577 उपप्रधान, और कुल 21,147 पंचायत वार्ड सदस्य चुने जाएंगे।
राज्य में 10 नए विकासखंड बनाए जाने के बाद विकासखंडों की संख्या 81 से बढ़कर 91 हो गई है। इसके चलते पंचायत समिति सदस्यों की संख्या बढ़कर 1766 हो जाएगी।
साथ ही, जिला शिमला के डोडरा क्वार क्षेत्र में एक नया जिला परिषद वार्ड बनाने के बाद अब 250 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे।
इन सभी बदलावों के बाद आगामी चुनाव में कुल 30,317 जनप्रतिनिधि चुने जाने हैं। पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने भी पुष्टि की है कि “वर्तमान स्थिति के अनुसार इस बार कुल 30,317 प्रतिनिधियों का चुनाव होगा।”
इस बार 261 प्रतिनिधि कम
वर्ष 2021 और इस बार के बीच तुलना करें तो प्रदेश में अब 261 जनप्रतिनिधि कम चुने जाएंगे। पहले कुल 30,578 प्रतिनिधि चुनकर आए थे, जबकि इस बार यह संख्या घटकर 30,317 पर आ जाएगी।
वार्ड संख्या में भी बदलाव
वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत वार्डों की कुल संख्या 21,483 थी। इस बार पंचायत समिति वार्ड बढ़कर 1766 और जिला परिषद वार्ड 250 हो गए हैं, जो राज्य में पंचायत ढांचे की बदलती जरूरतों को दर्शाते हैं।