Mandi, Dharamveer
हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर राज्य सरकार ने जिला मंडी को समारोहस्थल चुना है। लेकिन इस फैसले ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। सदर से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने इस निर्णय पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में मंडी जिले को सिर्फ नजरअंदाज ही नहीं किया, बल्कि यहां चल रहे कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा संस्थानों को कमजोर करने का काम भी किया है।
शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार तीन साल से लगातार “फंड की कमी” का हवाला देती रही, लेकिन विकास की दिशा में कोई ठोस उपलब्धि सामने नहीं ला सकी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू अपने तीन वर्षों की एक भी उपलब्धि गिनाकर बताएं, जिसके लिए मंडी में जश्न मनाया जा रहा है।य
ह बयान उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की भारी जीत के उपलक्ष्य में आयोजित मंडी भाजपा के कार्यक्रम के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में दिया। बिहार में जीत का जश्न मनाने के लिए जिला भाजपा द्वारा मंडी के चौहट्टा बाजार में पटाखे फोड़कर और लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया गया। इस कार्यक्रम की अगुवाई जिला भाजपा अध्यक्ष निहाल चंद ने की।
मुख्यमंत्री सुक्खू के चुनाव प्रचार को लेकर भी अनिल शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि कांग्रेस ने सीएम को बिहार चुनावों में “स्टार प्रचारक” बनाकर भेजा था, जहां वे अपनी “झूठी गारंटियों” का प्रचार करते रहे। लेकिन बिहार के मतदाताओं ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि यह जनादेश साबित करता है कि जनता अब भ्रमित नहीं होने वाली और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में हिमाचल की जनता भी कांग्रेस सरकार को बाहर का रास्ता दिखाएगी।अनिल शर्मा ने बिहार की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और बिहार की जनता को बधाई भी दी।