Shimla, Sanju -:हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में संजौली मस्जिद से जुड़े विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मामले के ताजा घटनाक्रम में देवभूमि संघर्ष समिति की अगुवाई में विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और कुछ स्थानीय लोग संजौली थाना परिसर के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी समूह ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो शुक्रवार को व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
हिंदू संगठनों से जुड़े नेताओं विजय शर्मा और मदन ठाकुर ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे झूठे हैं और इन्हें बिना देरी वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांग पर विचार नहीं करता, तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी रूपरेखा 11 सितंबर 2024 को हुए आंदोलन से भी व्यापक होगी।प्रदर्शनकारियों ने विवादित स्थल पर नियमों के अनुपालन की मांग उठाते हुए कहा है कि मस्जिद में अवैध निर्माण के बाद बिजली और पानी के कनेक्शन नियमों के अनुसार रोके जाएं और वहां की गतिविधियों को फिलहाल स्थगित किया जाए। उनका कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक प्रशासन को संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कदम उठाने होंगे।
देवभूमि संघर्ष समिति सहित अन्य संगठनों ने सरकार और जिला प्रशासन को 24 घंटे की समय-सीमा दी है। उन्होंने कहा है कि उनकी तीन प्रमुख मांगों — दर्ज मुकदमों को वापस लेना, विवादित स्थल पर कार्यवाही और बिजली-पानी की सप्लाई पर निर्णय — पर यदि स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया, तो शुक्रवार को संजौली में एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।संगठनों का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन प्रशासन यदि कार्रवाई में देरी करता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रदर्शनकारी फिलहाल संजौली थाने के बाहर डटे हुए हैं और मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने का संकल्प जता चुके हैं।