चंडीगढ़/तरनतारन | पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खडूर साहिब से आप विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने छेड़छाड़ मामले में सजा पर रोक लगाने की विधायक की याचिका खारिज कर दी है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
तरनतारन की जिला सत्र अदालत ने 2013 में हुए उस्मान कांड मामले में लालपुरा को 4 साल कैद की सजा सुनाई थी। विधायक ने अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन आज हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
इस फैसले के बाद कयास लगने लगे हैं कि विधायक की विधानसभा सीट खाली हो सकती है। यदि सजा बरकरार रहती है, तो छह महीने के भीतर उपचुनाव करवाना अनिवार्य होगा।
मामले की पृष्ठभूमि:
3 मार्च 2013 को उस्मान गांव की एक महिला अपने पिता कश्मीर सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक शादी समारोह में शामिल हुई थी। पीड़िता के साथ वहां मौजूद टैक्सी चालकों ने छेड़छाड़ की, और विरोध करने पर उन पर हमला किया। मौके पर पुलिस पहुंची थी, लेकिन बीच सड़क पर परिवार पर हमला हो गया।
आरोपी टैक्सी चालकों में से एक मनजिंदर सिंह लालपुरा थे, जिन्हें बाद में 2022 में खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी का विधायक चुना गया। तरनतारन की अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए चार साल की जेल की सजा सुनाई।
वर्तमान स्थिति:
हाईकोर्ट के फैसले के बाद विधायक लालपुरा की कुर्सी खतरे में है और आगामी छह महीनों में उपचुनाव होने की संभावना बढ़ गई है।