Shimla, Sanju-:संजौली मस्जिद विवाद एक बार फिर गरमा गया है और इसे लेकर स्थानीय हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। शिमला के संजौली थाना परिसर के बाहर विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता तंबू लगाकर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। मंगलवार को अनशन का दूसरा दिन रहा, लेकिन अभी तक प्रशासनिक स्तर पर कोई वार्ता नहीं हो सकी है। आंदोलनकारी संगठनों ने जिला प्रशासन को शाम 5 बजे तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
अनशन पर बैठे लोगों का कहना है कि वे पिछले शुक्रवार को संजौली मस्जिद में नमाज़ रोकने के मामले में दर्ज की गई FIR का विरोध कर रहे हैं। इस घटना में छह व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ गया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि FIR अनुचित है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
देवभूमि संघर्ष समिति के सह संयोजक विजय शर्मा ने बताया कि अनशन को शुरू हुए पूरा एक दिन बीत चुका है, लेकिन सरकार या प्रशासन की ओर से अभी तक कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया। उन्होंने कहा कि स्थानीय कार्यकर्ता लगातार धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं और सोशल मीडिया व फोन कॉल के जरिये देश-विदेश से भी समर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार, विभिन्न हिंदू संगठनों के लोग आंदोलन के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं और इसे व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है।विजय शर्मा का दावा है कि यह आंदोलन सिर्फ स्थानीय मामला नहीं रह गया, बल्कि पूरे सनातन समाज का प्रश्न बन गया है।
उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाएगा।उन्होंने बताया कि शाम 5 बजे तक संगठन आगे की रणनीति सार्वजनिक करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा।हिंदू संगठनों की ओर से साफ कहा गया है कि वे वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन प्रशासन को गंभीरता दिखानी होगी। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शाम तक स्थिति किस दिशा में आगे बढ़ती है।