चंडीगढ़ | फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल मिलने के बाद हरियाणा पुलिस ने राज्य में एंटी-टेररिस्ट सेल बनाने का फैसला किया है। इस कदम का उद्देश्य एनसीआर में आतंकवादी गतिविधियों की लगातार निगरानी करना और समय रहते खुफिया जानकारी जुटाकर किसी भी खतरे को टालना है। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि नई सेल न केवल खुफिया जानकारी एकत्र करेगी बल्कि ऑपरेशन और जांच का काम भी संभालेगी।
डीजीपी ने कहा कि इस नई सेल का मुख्य फोकस राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के 14 जिलों पर रहेगा, जिनमें फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और झज्जर प्रमुख हैं। एनसीआर में कुल 150 से अधिक पुलिस स्टेशन हैं, और प्रत्येक थाने में अब दो सुरक्षा एजेंटों के बजाय आतंकवादी गतिविधियों की निगरानी के लिए एक विशेष सुरक्षा एजेंट तैनात किया जाएगा। यह एजेंट प्रतिदिन वरिष्ठ अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे और उन्हें दिए गए टास्क को अंजाम देंगे।
डीजीपी ने बताया कि ऑपरेशन के लिए 500 कमांडो तैयार रहेंगे, जिन्हें किसी भी गंभीर खतरे के समय तुरंत तैनात किया जा सकेगा। इस कदम से एनसीआर और हरियाणा में सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत किया जाएगा।
हरियाणा पुलिस ने गृह विभाग के साथ भी इस प्रस्ताव पर चर्चा की और इसे लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि राज्य में आतंकवादियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और किसी भी प्रकार के हमले या खतरे को समय रहते नाकाम बनाया जाएगा।
यह एंटी-टेररिस्ट सेल खुफिया जानकारी के साथ-साथ ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाकर राज्य की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी और नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगी।