राहुल चावला, नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। दुबई एयर शो 2025 के दौरान हुए तेजस अभ्यास उड़ान हादसे में नगरोटा बगवां के वीर सपूत स्क्वाड्रन लीडर नमांश स्याल शहीद हो गए। हादसा शुक्रवार, 21 नवंबर को हुआ था। शहीद के पार्थिव शरीर के शनिवार सुबह सेलूर पहुंचते ही पूरा क्षेत्र गम में डूब गया।
34 वर्षीय नमांश स्याल भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के पद पर तैनात थे। वे अपनी पत्नी—जो स्वयं भी वायुसेना में अधिकारी हैं—और बेटी के साथ हैदराबाद में रहते थे। उनके माता–पिता भी हाल ही में हैदराबाद घूमने गए थे, जहां उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी मिली।
गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग, रिश्तेदार और परिजन शहीद के घर एकत्र हो गए हैं। प्रशासन भी देर रात से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शहीद के ताया जोगिंदर स्याल ने बताया कि उन्हें शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे हादसे की जानकारी मिली। उन्होंने ही नमांश के पिता जगन्नाथ स्याल को यह दुखद सूचना दी। उन्होंने बताया कि नमांश की प्रारंभिक शिक्षा डीएसपी स्कूल डलहौजी से हुई थी, जिसके बाद उन्होंने सैनिक स्कूल सुजानपुर से पढ़ाई की। नमांश स्याल के पिता भी भारतीय सेना में अधिकारी रहे हैं और बाद में शिक्षा विभाग से प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुए थे।
अंतिम संस्कार आज दोपहर दो बजे
शहीद का पार्थिव शरीर रविवार दोपहर 2 बजे गग्गल एयरपोर्ट पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की तैयारी की है। नगरोटा बगवां ही नहीं, पूरा कांगड़ा जिला आज अपने वीर सपूत को सलाम कर रहा है।