रोहतक | हरियाणा के रोहतक जिले में बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की पोल गिरने से हुई दर्दनाक मौत के बाद विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने रोहतक के लालचौपड़ा स्थित खेल परिसर में हुए हादसे को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर कमी को उजागर करता है।
सैलजा ने बताया कि हार्दिक जैसे राष्ट्रीय स्तर के युवा खिलाड़ियों की असमय मृत्यु प्रदेश के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने खेल स्टेडियमों में समय पर रखरखाव, उपकरणों की नियमित जांच और निगरानी की कमी को खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। सांसद ने जोर देकर कहा कि अगर कहीं भी लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने रोहतक, सिरसा और डबवाली के स्टेडियमों की जर्जर स्थिति की ओर भी ध्यान दिलाया और सभी खेल परिसरों में सुरक्षा ऑडिट कराकर तुरंत सुधार कार्य शुरू करने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हार्दिक राठी के परिवार को सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद दी जानी चाहिए। उन्होंने विधानसभा में भी इस मामले को उठाने का आश्वासन दिया और कहा कि खेल स्टेडियमों में रखरखाव की स्थिति लगातार खराब होने से खिलाड़ियों की सुरक्षा खतरे में है।
सैलजा और हुड्डा दोनों ने राज्य सरकार से अपील की कि खेल प्रतिभाओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जाए और नियमित निरीक्षण व्यवस्था लागू की जाए ताकि भविष्य में कोई भी खिलाड़ी ऐसी दुर्घटना का शिकार न बने।
इस मामले में विपक्षी नेताओं ने सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है।