चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा सरकार पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्टेडियमों व खेल ग्राउंड की जर्जर हालत ने प्रदेश के दो युवा खिलाड़ियों की जान ले ली, जिसके लिए पूरी तरह सरकार जिम्मेदार है।
“सरकारी लापरवाही से हुई खिलाड़ियों की मौत” : हुड्डा
हुड्डा ने कहा कि बहादुरगढ़ और लाखनमाजरा में बास्केटबॉल खेलते समय दो खिलाड़ियों की दर्दनाक मौत महज ‘दुर्घटना’ नहीं, बल्कि सरकारी उपेक्षा का परिणाम है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा इन ग्राउंडों के सुधार के लिए 12 लाख रुपये की ग्रांट जारी की गई थी, लेकिन सरकार ने स्टेडियम और पोल की स्थिति सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। “यह साधारण हादसा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही से हुई हत्या है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।”
14 दिसंबर के बाद करेंगे पूरे हरियाणा के स्टेडियमों का दौरा
हुड्डा ने घोषणा की कि 14 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस रैली के बाद वे प्रदेशभर के स्टेडियमों का दौरा करेंगे। वे खिलाड़ियों के साथ मिलकर खेल सुविधाओं की बदहाली और रख-रखाव की कमी को प्रमुख मुद्दा बनाएंगे।
परिजनों को नौकरी और आर्थिक सहायता देने की मांग
हुड्डा ने मृत खिलाड़ियों के परिवारों को
- सरकारी नौकरी
- और पर्याप्त आर्थिक मुआवजा
तुरंत उपलब्ध कराने की मांग की।
“कांग्रेस राज में बने विश्वस्तरीय स्टेडियम, भाजपा ने रखरखाव तक नहीं किया”
भूपेंद्र हुड्डा ने भाजपा सरकार पर खेल नीतियों को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए कहा—
- कांग्रेस राज में हरियाणा में विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया।
- खिलाड़ियों को देशभर में सबसे अधिक नकद इनाम दिए गए।
- प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को डीएसपी सहित बड़े पदों पर नियुक्तियां दी गईं।
- “स्पोर्ट्स टैलेंट हंट” और “खेल एकेडेमियों” जैसी योजनाओं ने हजारों खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इन योजनाओं को बंद कर दिया और खिलाड़ियों के लिए उच्च पदों पर भर्ती रोक दी, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ी।
चंडीगढ़ और SYL पर भी सरकार को घेरा
हुड्डा ने कहा कि चंडीगढ़ और एसवाईएल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी हरियाणा की भाजपा सरकार राज्य के हक की रक्षा करने में “पूरी तरह असफल” साबित हुई है।