चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गरीब परिवारों की आमदनी बढ़ाने के लिए गांवों में दुग्ध उत्पादक सोसायटियां बनाने का फैसला किया है। इन सोसायटियों में विधवाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और अंत्योदय परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उन्हें स्थायी रोजगार और आय का नया माध्यम मिल सके।
मुख्यमंत्री ने दिया तेजी से काम पूरा करने का निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारिता विभाग की बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सोसायटियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि शीघ्र जारी की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग और सहकारिता विभाग मिलकर ऐसी योजना तैयार करें जिससे पशुपालकों को सीधे लाभ मिले।
दूध की खपत बढ़ाने की नई रणनीति
सरकार वीटा बूथों पर दूध आधारित अधिक उत्पादों की बिक्री शुरू करने की योजना बना रही है, ताकि किसानों और पशुपालकों से खरीदे गए दूध की खपत बढ़ाई जा सके।
सहकारी मिलों और तेल उद्योग में भी बढ़ेगी रफ्तार
बैठक में बताया गया कि:
- तीन खंडों में मिल्क कलेक्शन सेंटर
- दो जिलों में मिल्क चिलिंग सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं।
- हैफेड द्वारा सरसों तेल मिल और सूरजमुखी तेल मिल की स्थापना प्रक्रिया जारी है।
वन्यजीव संरक्षण योजनाओं को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री सैनी की अध्यक्षता में स्टेट बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ की बैठक में कई संरक्षण संबंधी प्रस्ताव मंजूर किए गए। बैठक में:
- हैबिटैट सुधार
- वन्यजीव सुरक्षा
- इको-टूरिज्म
- मानव–वन्यजीव टकराव कम करने
- रिसर्च-आधारित हैबिटैट मैनेजमेंट
जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण विकास, पशुपालकों की आय और वन्यजीव संरक्षण—तीनों मोर्चों पर ठोस सुधार दिखाई दें।