Shimla, 4 December-:हिमाचल प्रदेश के कृषि व पशुपालन से जुड़े युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर खुल गया है। प्रदेश के पशुपालन विभाग द्वारा ‘पशु मित्र’ के 500 पद भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह पद मल्टी-टास्क वर्कर के समान माने जाएंगे और सभी 12 जिलों के 64 सब-डिवीज़न स्तर पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने संबंधित सब-डिविजन के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में आवेदन जमा करवाना होगा।
आवेदन के साथ पशुपालक किसान प्रमाण पत्र अनिवार्य है, जिसे वेटरनरी फार्मासिस्ट द्वारा साइन किया गया हो और ग्राम पंचायत सचिव के काउंटर साइन भी लगे हों। यह दस्तावेज यह प्रमाणित करेगा कि आवेदक वास्तव में ग्रामीण पशुपालन गतिविधियों से जुड़ा है।सबसे अधिक 123 पद पशुपालन मंत्री के जिला कांगड़ा में भरे जाएंगे। इसके अलावा शिमला में 83, मंडी में 66, सिरमौर और सोलन में 37-37, ऊना में 36, चंबा में 40, हमीरपुर में 28, बिलासपुर में 17, कुल्लू में 15, किन्नौर में 13 तथा लाहौल–स्पीति में 3 पद निर्धारित किए गए हैं।आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में पंचायत/ULB पहचान प्रमाण पत्र, मैट्रिक प्रमाण पत्र (शिक्षा व आयु प्रमाण हेतु), हिमाचली बोनाफाइड, चरित्र प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र समेत अन्य पात्रता संबंधी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां शामिल हैं। विशेष श्रेणियों जैसे विधवा, तलाकशुदा, बेसहारा महिला, सिंगल बेटी, अनाथ या 1 हेक्टेयर से कम भूमि वाले परिवारों को भी प्राथमिकता मिलेगी।
यह प्रक्रिया 15 फरवरी 2026 तक पूरी करनी होगी। चयनित पशु मित्रों को प्रतिमाह 5,000 रुपये मानदेय मिलेगा। उनकी जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन से संबंधित गतिविधियों में सहायता करना, योजनाओं की जानकारी देना और मानव–पशु संघर्ष या बेसहारा पशुओं जैसी समस्याओं पर जागरूकता बढ़ाना होगा।उम्मीदवार हिमाचल का स्थायी निवासी होना चाहिए, 10वीं पास होना चाहिए और पशुपालन गतिविधियों का अनुभव व स्थानीय रीति-रिवाजों का ज्ञान होना चाहिए। शारीरिक रूप से भी उन्हें 25–50 किलोग्राम तक वजन उठाने की क्षमता साबित करनी होगी।