Hamirpur, Arvind-:नगर निगम हमीरपुर अब स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आवंटित की गई दुकानों के बकाया किराए को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। बस अड्डा परिसर के नजदीक बने इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 16 दुकानदार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी दुकानें खाली करने के बावजूद अब तक बकाया किराया जमा नहीं करवाया है। नगर निगम के अनुसार इन दुकानदारों पर लगभग 40 लाख रुपये की देनदारी अब भी लंबित है।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की दुकानों का आवंटन ‘सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ स्पोर्ट्स, एजुकेशन एंड ऐक्टिविटीज’ द्वारा किया गया था। सोसाइटी ने अब नगर निगम के एसडीओ को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि जिन दुकानदारों ने अभी तक भुगतान नहीं किया है, उनके खिलाफ रिकवरी प्रक्रिया शुरू की जाए। निगम ने संकेत दिया है कि यदि दुकानदार सरल तरीके से राशि जमा नहीं करते, तो मजबूरन तहसीलदार के माध्यम से रिकवरी की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारी साफ कह रहे हैं कि इस बार किसी भी स्थिति में बकाया माफ नहीं किया जाएगा।
एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह ने बताया कि जब उन्होंने पदभार संभाला था, तब इन दुकानदारों से लगभग 80 से 90 लाख रुपये की रिकवरी पेंडिंग थी। मामले की गंभीरता देखते हुए पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 28 मामलों का निपटारा किया जा चुका है और इनसे करीब 81 लाख रुपये सोसाइटी के खाते में जमा करवा लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी कई दुकानदारों से अच्छा-खासा बकाया वसूल किया जाना शेष है, जिसके लिए विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है.उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सोसाइटी को प्राप्त राशि का उपयोग हाल ही में 11 नई दुकानों के निर्माण में किया गया है। इन दुकानों को उन लोगों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया जाएगा जो पहले खोखा लगाकर अपना रोजगार चलाते थे। साथ ही इस परिसर में एक छोटी मंडी भी आयोजित करने की योजना है, जिसमें स्वयं सहायता समूह अपने उत्पाद प्रदर्शित व बेच सकेंगे ताकि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।
एसडीएम संजीत सिंह ने स्पष्ट कहा कि नगर निगम के एसडीओ को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे रिकवरी को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाएं। यदि इसके बाद भी दुकानदार भुगतान से कतराते हैं, तो तहसीलदार स्तर से सख्त वसूली प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि उनके ज्वाइन करने के समय दुकानदारों द्वारा वर्षों से नगर परिषद को किराया न देने के कारण बड़ी पेंडेंसी खड़ी हो गई थी, जिसे अब चरणबद्ध तरीके से निपटाया जा रहा है।यह पूरा मामला नगर निगम की वित्तीय व्यवस्था और राजस्व वसूली के प्रति उसकी सख्त नीति को दर्शाता है। अधिकारियों के अनुसार शहर के संसाधनों के सुचारू संचालन के लिए बकाया की रिकवरी बेहद जरूरी है, और अब इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।