Bilaspur, Subhash-:किरतपुर–नेरचौक फोरलेन पर बिलासपुर क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे ने एक ओर जहां यातायात सुरक्षा पर सवाल खड़े किए, वहीं दूसरी ओर मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल भी सामने आई। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और सड़क किनारे मदद के इंतजार में पड़े रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि कुछ समय तक कोई भी राहगीर रुककर घायलों की सहायता नहीं कर सका। इसी दौरान संयोगवश वहां से गुजर रहीं हिमाचल प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी की नजर सड़क पर घायल अवस्था में पड़े युवकों पर पड़ी। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता और देरी के तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई और स्वयं मौके पर पहुंचकर घायलों की स्थिति का जायजा लिया।विद्या नेगी ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल एम्बुलेंस को फोन किया और पुलिस को भी दुर्घटना की सूचना दी। उन्होंने एम्बुलेंस के पहुंचने तक घायलों को ढांढस बंधाया और आवश्यक प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया। उनकी सक्रियता के कारण दोनों युवकों को समय रहते उपचार मिल सका। एम्बुलेंस के माध्यम से दोनों घायलों को एम्स बिलासपुर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार या वाहन असंतुलन को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने महिला आयोग अध्यक्ष विद्या नेगी के इस मानवीय कदम की सराहना की है। लोगों का कहना है कि अक्सर सड़क हादसों में घायल सहायता के अभाव में समय पर इलाज नहीं पा पाते, लेकिन विद्या नेगी की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय ने दो युवकों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।यह घटना न केवल मानवीय मूल्यों की याद दिलाती है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को संकट में पड़े लोगों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा भी देती है।