Dharamshala, Rahul-:धर्मशाला के पर्यटन क्षेत्र मैक्लोडगंज स्थित भागसूनाग वॉटरफॉल के ऊपरी इलाके में एक भालू के मृत मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने जब जंगल के समीप भालू का शव देखा तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उच्च अधिकारियों को अवगत करवाने के साथ ही पशुपालन विभाग की वेटरनरी टीम को बुलाया गया।
वन विभाग की टीम ने वेटरनरी डाक्टर्स की टीम से करवाया पोस्टमार्टम
वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर ही मृत भालू का पोस्टमार्टम करवाया। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नियमानुसार भालू के शव का दाह संस्कार किया गया। वन मंडल धर्मशाला के डीएफओ दिनेश शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही भालू की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
भोजन की तलाश में आते हैं निचली ओर
डीएफओ ने बताया कि सर्दियों के मौसम में अक्सर भालू ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों से भोजन की तलाश में निचले इलाकों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में मानव आबादी के नजदीक भालूओं की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे मुठभेड़ की घटनाओं की आशंका भी रहती है। उन्होंने कहा कि जैसे ही भालू को पर्याप्त भोजन उपलब्ध होता है, वे दोबारा ऊपरी क्षेत्रों की ओर लौट जाते हैं।
दुकानों व घरों के आसपास न फेंकें बचा हुआ खाना
वन विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग का कहना है कि सुबह के समय या देर रात उन स्थानों पर जाने से बचें, जहां भालू या उनके बच्चों की मौजूदगी की संभावना हो। इसके अलावा दुकानों, घरों या होटलों के आसपास बचा हुआ खाना और अन्य खाद्य अपशिष्ट खुले में न फेंका जाए, क्योंकि भोजन की गंध जंगली जानवरों को आकर्षित करती है।डीएफओ ने यह भी कहा कि यदि किसी को भालू या अन्य जंगली जानवर दिखाई दें, तो घबराने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें। आम जनता की सतर्कता और सहयोग से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।