Panchkula, 28 December-:भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम ने आज पंचकूला में आयोजित स्वदेशी मेले में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने स्वदेशी को भारत की सांस्कृतिक चेतना और आत्मनिर्भरता का आधार बताते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वदेशी को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल एक आर्थिक विचार नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, संस्कार और राष्ट्र के प्रति गर्व की भावना का प्रतीक है।
दुष्यंत गौतम ने कहा कि देश में तेजी से स्वदेशी उत्पादों की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है, जो एक सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार ने भारत को आज़ादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज वैश्विक स्तर पर जब कई देश प्रतिबंधों की राजनीति करते हैं, तब स्वदेशी ही ऐसा माध्यम है जो भारत को सशक्त और आत्मनिर्भर बना सकता है।उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे “जय जवान, जय किसान” को याद करते हुए कहा कि यह नारा आज भी उतना ही प्रासंगिक है। स्वदेशी अपनाकर ही देश के किसान, श्रमिक और उद्यमी मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में स्वदेशी की भूमिका केंद्रीय है।
दुष्यंत गौतम ने अपने दौरे के अनुभव साझा करते हुए कहा कि चंडीगढ़ और पंजाब का पारंपरिक भोजन, विशेषकर सरसों का साग और मक्के की रोटी, उन्हें भारतीय संस्कृति और स्वदेशी जीवनशैली से जोड़ता है।उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा राष्ट्रवादी विचारों और सांस्कृतिक मूल्यों का विरोध किया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों की योजनाओं में पारदर्शिता का अभाव रहा।कार्यक्रम के समापन पर दुष्यंत गौतम ने स्वदेशी मेले की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ करते हैं।