चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मनरेगा के मुद्दे पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने इंडी गठबंधन, विशेषकर कांग्रेस द्वारा मनरेगा के समर्थन में चलाए जा रहे आंदोलन को सिरे से खारिज करते हुए इसे “राजनीतिक नौटंकी” करार दिया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जिन दलों के कार्यकाल में मनरेगा में व्यापक भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हुईं, वे आज पारदर्शी व्यवस्था से घबरा रहे हैं।
सीएम सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार की विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन गारंटी (VB-G RAMJI) योजना ने मनरेगा की पुरानी खामियों को दूर कर दिया है। अब श्रमिकों को उनका मेहनताना सीधे बैंक खातों में मिल रहा है, जिससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह अंकुश लगा है। यही वजह है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इस व्यवस्था का विरोध कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि नई योजना के तहत रोजगार गारंटी के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 कर दिया गया है और कार्यों का दायरा भी व्यापक किया गया है। अब जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्य भी इसमें शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वहां विधानसभा में प्रस्ताव लाकर इस योजना को अपनाने से इनकार किया गया, जबकि हरियाणा में श्रमिकों को देश की सबसे अधिक न्यूनतम मजदूरी दी जा रही है। हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन है, जिससे एक मजदूर की वार्षिक आय लगभग 50 हजार रुपये तक सुनिश्चित होती है।
नायब सैनी ने दावा किया कि अक्टूबर 2014 से अक्टूबर 2025 तक हरियाणा में श्रमिकों को 5,243 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि कांग्रेस के 10 साल के शासन में यह आंकड़ा मात्र 1,854 करोड़ रुपये रहा। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में भी इस योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
सीएम ने कैग और सोशल ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यूपीए शासनकाल में मनरेगा फर्जी लाभार्थियों और वित्तीय गबन का अड्डा बन चुकी थी। अब नई व्यवस्था के जरिए पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रमिकों का सशक्तीकरण सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों की योजनाओं को पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़कर गांवों के विकास को राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़ा गया है।