Shimla, 14 January-:हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बाहरी राज्यों से आए आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को लेकर दिए गए बयान से सियासी विवाद खड़ा हो गया है। विक्रमादित्य सिंह के बयान पर उनकी ही सरकार के सहयोगी मंत्रियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
विक्रमादित्य सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि उनके लिए हिमाचल प्रदेश और प्रदेश के 75 लाख लोगों के हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने लिखा कि यदि उन्हें कहीं यह महसूस होगा कि बाहरी राज्यों से आए अधिकारियों के हितों को प्राथमिकता देकर हिमाचल के हितों की अनदेखी की जा रही है, तो वे आवाज उठाते रहेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि अधिकारी हिमाचल में रहकर यहां के लोगों की सेवा करें, न कि शासक बनने का प्रयास करें।विक्रमादित्य सिंह के इस बयान पर पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकांश अधिकारी बाहरी राज्यों से ही आते हैं और इससे कभी कोई समस्या नहीं हुई। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि अधिकारियों पर आरोप मढ़ना अपनी कमियों को छुपाने जैसा है और मंत्रियों को अधिकारियों से काम लेना आना चाहिए।
उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि यूपीएससी परीक्षा देशभर के अभ्यर्थियों द्वारा दी जाती है और चयन के बाद अधिकारियों को विभिन्न राज्यों में कैडर आवंटित होता है। हिमाचल के अधिकारी भी अन्य राज्यों में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों के खिलाफ इस तरह के बयान न केवल उनके मनोबल को तोड़ते हैं, बल्कि सरकार की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं।