Shimla, 15 January-:भारतीय प्रशासनिक सेवा के युवा अधिकारी सचिन शर्मा ने वीरवार को अतिरिक्त उपायुक्त शिमला के पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक जनोन्मुखी, पारदर्शी और प्रभावी बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इससे पहले वे एसडीएम अंब के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उनके कार्यकाल को प्रशासनिक दक्षता और संवेदनशीलता के लिए सराहा गया।
अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे, इसके लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।उन्होंने जिला शिमला को नशा मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि 21 और 22 जनवरी को आयोजित की जा रही एंटी-चिट्टा अभियान से संबंधित ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। चिट्टा जैसी घातक नशे की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए पंचायत स्तर पर सशक्त रणनीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के “चिट्टा मुक्त हिमाचल” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, युवाओं और समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
सचिन शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार “आत्मनिर्भर हिमाचल” के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं की जानकारी और लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ महिलाएं हैं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को घर-द्वार पर रोजगार उपलब्ध करवाने, उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने तथा नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।
अतिरिक्त उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और फील्ड स्टाफ से अपील की कि वे समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्यों को पूर्ण करें, ताकि विकास का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचे।
परिचय: युवा और प्रेरणादायी अधिकारी
सचिन शर्मा 2022 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और हरियाणा के झज्जर जिले से संबंध रखते हैं। उन्होंने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए 233वीं रैंक प्राप्त की थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित स्कूल से हुई, जिसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक किया। निजी कंपनी में कुछ वर्षों की नौकरी के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी का निर्णय लिया। उनके पिता सुनील दत्त हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर हैं। सचिन शर्मा की धर्मपत्नी डॉ. आस्था शर्मा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में लॉ विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं।