चंडीगढ़ | भारत में घरेलू विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार की ओर बढ़ रहा है। इंडिगो, एअर इंडिया और अकासा एयर जैसी प्रमुख एयरलाइंस अगले दो वर्षों में अपने बेड़े में कुल 240 नए विमान शामिल करने जा रही हैं। इसका मतलब है कि देश में औसतन हर महीने करीब 10 नए विमान जुड़ेंगे। इस बड़े विस्तार से एयरलाइंस के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है।
बीते कुछ वर्षों में देश में यात्रियों की यात्रा आदतों में बड़ा बदलाव देखा गया है। समय की बचत और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते अब बड़ी संख्या में लोग बस और ट्रेन के बजाय हवाई यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए एयरलाइंस ने अपने नेटवर्क को मजबूत करने और नए रूट शुरू करने की रणनीति बनाई है।
नए विमानों के बेड़े में शामिल होने से न सिर्फ मौजूदा रूट्स पर उड़ानों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि कई नए शहरों को भी हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और एयरलाइंस के बीच यात्रियों को आकर्षित करने की होड़ और तेज होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सीधा फायदा यात्रियों को मिल सकता है। सीटों की उपलब्धता बढ़ने से हवाई किराए में नरमी आने की संभावना है। एयरलाइंस अधिक से अधिक यात्रियों को जोड़ने के लिए आकर्षक ऑफर और किफायती किराए पेश कर सकती हैं।
विमानन क्षेत्र के इस विस्तार से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बोइंग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले डेढ़ से दो दशकों में भारत को करीब 45 हजार नए पायलटों की जरूरत होगी। इसके अलावा तकनीकी स्टाफ, इंजीनियर और केबिन क्रू के लिए भी बड़े पैमाने पर नौकरियां सृजित होंगी।